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ad27sh28
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# Posted: 3 Jul 2010 20:59
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महफ़िलमहफ़िल
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ad27sh28
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# Posted: 3 Jul 2010 21:01
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दोस्तों ये महफ़िल आपकी है और सजाना भी आप को ही है
क्यूँ की मै तो बस यही चाहता हूँ की...................
मुस्कुराता हुआ आज हो, गुनगुनाता हुआ कल हो, हम रहे या ना रहे , खुशियों से भरा आपका हर एक पल हो.......
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ad27sh28
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# Posted: 3 Jul 2010 21:09
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दोस्तों मै एक नया टोपिक महफ़िल आरम्भ कर रहा हूँ आप सब से अनुरोध है कि इसे सजाने में आप सब मेरा सहयोग करें पर ध्यान रहे इसमे चोरी की सामग्री ना डालें साफ़ सुथरी और अपनी मौलिक रचना प्रेषित करें
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ad27sh28
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# Posted: 3 Jul 2010 21:13
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क्या लेकर हम यहाँ आये हैं , क्या लेकर यहाँ से जायेंगे , एक पहचान लेकर आयें हैं , बस एक पहचान छोड़ जायेंगे........
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ad27sh28
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# Posted: 4 Jul 2010 20:57
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देहरी पर से लाँघी गुड़िया पहुँच गई सपनोँ की दुनिया बदला समय हुआ परिवर्तन आज छा रहा उसपे यौवन मदनश्रवित है तन मनअंतर रुप रंग से आहत परियाँ ।। देहरी पर से लाँघी गुड़िया
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ad27sh28
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# Posted: 4 Jul 2010 21:10
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क्यों दूसरों की फटे में अपनी टांग अडायें क्यूँ नहीं एक नई दुनिया बसायें....!!!! मित्र कुछ नया करो हम सहयोग के तत्पर है
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ad27sh28
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# Posted: 4 Jul 2010 21:13
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ना मंजिल है ना रास्ता है , न कोई पूछने वाला है यहाँ , अश्क बहाऊँ किसके लिए , आंसू पोछने वाला है कहाँ...
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ad27sh28
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# Posted: 4 Jul 2010 21:19
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मुहब्बत हर इंसान को आजमाती है' किसी से रूठ जाती है, किसी पर मुस्करती है, मोहब्बत चीज़ हे ऐसी है, किसी का कुछ नहीं जाता और किसी की दुनिया लुट जाती है
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ad27sh28
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# Posted: 5 Jul 2010 20:39
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रात यूं दिल में तेरी खोई हुई याद आई, जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए, जैसे सहराओं में हौले से चले बयारें, जैसे बीमार को बेवजह करार आ जाए
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ad27sh28
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# Posted: 5 Jul 2010 20:46
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आईए हाथ उठायें हम भी हम जिन्हें रस्म-ए-दुआ याद नहीं हम जिन्हें सोज़-ए-मोहब्बत के सिवा कोई बुत, कोई खुदा याद नहीं
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ad27sh28
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# Posted: 5 Jul 2010 20:52
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तेरी यादों में भी कितना अपनापन है ,
तुझसे दूर जाना चाहू तो भी दिल खीच लेता है तेरी तरफ ,
क्यों तू इतना अछा है क्यों इतना प्यारा की कुछ जंचता नहीं तेरे बिना ,
तेरी बाते याद कर लू तो गम में भी एक सुकून मुझे क्यों मिलता है ???
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ad27sh28
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# Posted: 15 Jul 2010 21:30
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आदमी....
शादी के बिना...... SPIDERMAN
शादी के दिन.... SUPERMAN
शादी के बाद.... GENTLEMAN
और अगर बीवी खूबसूरत हो तो.....
सारी उम्र.... WATCHMAN
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ad27sh28
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# Posted: 15 Jul 2010 21:32
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वो क्या चीज़ है जो पत्नी अपने पति को सारी उम्र नहीं देती..?? . . सोचो सोचो . . नहीं पता . . . . "सुकून"
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ad27sh28
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# Posted: 15 Jul 2010 21:35
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पहले वो मेरी GF थी, मैं बोलता था, वो सुनती थी. फिर वो मेरी मंगेतर बनी, तब वो बोलती थी,मैं सुनाता था. अब वो मेरी बीवी बनी, अब हम दोनों बोलते हैं, और पूरा मोहल्ला सुनता है....
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ad27sh28
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# Posted: 15 Jul 2010 21:40
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कुंवारे रहने के भी फायदे हैं....... सोचो बताओ हार मानी . . अरे यार, आप अपने पलंग के दोनों तरफ से उतर सकते हैं....
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ad27sh28
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# Posted: 15 Jul 2010 21:50
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जो हमेशा हँसता रहे,.... उसे "hus mukh" कहते हैं...
और, जिसकी हमेशा के हँसी बंद हो जाए उसे..... "hus band " कहते हैं...
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ad27sh28
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# Posted: 15 Jul 2010 21:55
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"chewing gum " और "बेगम " में क्या फर्क होता है?
दोनों ही शुरू में मीठे लगते हैं, फिर tasteless हो जाते हैं, फिर shapeless हो जाते हैं
और फिर चिपकने लगते हैं.....
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ad27sh28
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# Posted: 17 Jul 2010 05:36
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एक आदमी की शादी होने वाली होती है तो वो अपनी होने वाली वाइफ का फोन नंबर सेव करता है " जानू " और अपनी शादी के बाद सेव करता है " लाइफ ", शादी के ५ साल बाद " वाइफ " शादी के १० साल बाद "शेरनी " शादी के १५ साल बाद "हिटलर " और शादी के २० साल बाद " रोंग नंबर "
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ad27sh28
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# Posted: 17 Jul 2010 05:38
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पत्नी : आप अपने बेस्ट फ्रेंड की बीवी के जनाज़े पर नहीं गए ! पति : किस मुंह से जाऊं ... । वह मुझे 3 बीवियों के जनाज़े पर बुला चुका है और मैंने एक दफ़ा भी नहीं बुलाया।
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ad27sh28
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# Posted: 18 Jul 2010 21:13
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एक प्रेमिका ने बहुत दिनों तक अपने प्रेमी को सहा और जब सहन नहीं हुआ तो एक दिन उसने कहा डियर- तुम मुझसे शादी कब करोगे कब तक अपने घर वालों से डरोगे प्रेमी ने कहा- मेरी प्राण प्रिये बहुत कठिन है हमारा मिलन औरों की छोडो मेरे घरवाले ही है विलन डार्लिंग - तुमसे बस थोडी सी दुरी है पर क्या करूँ मेरी भी मज़बूरी है मै तुम्हारे करीब होकर भी तुमसे जुदा हूँ क्यों की मै पहले से ही शादीशुदा हूँ.........!!!!!!
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ad27sh28
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# Posted: 18 Jul 2010 21:20
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रंग सफ़ेद निराला है , सब रंगों में मिल जाता है, चाहे वह कहीं भी रहे , अपनी पहचान बनाता है, इसके प्रभाव में जो आता है , फूलों सा खिल जाता है.........!!!!!!!!!
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ad27sh28
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# Posted: 18 Jul 2010 21:22
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तेरे तो मुस्कान अधर में , मेरे तो नयनो में आंसू , मै तो तेरी खुशियाँ चाहूँ , आँख भरे ना न देखूं आंसू , दिल की पीडा दिल ही जाने , मै कह दूँ तो तू ना माने , एक युग जैसे प्रतिपल बीते , बिन दरसन को तू न जाने.....!!!
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ad27sh28
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# Posted: 18 Jul 2010 21:26
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ना मंजिल है ना रास्ता है , न कोई पूछने वाला है यहाँ , अश्क बहाऊँ किसके लिए , आंसू पोछने वाला है कहाँ....!!
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ad27sh28
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# Posted: 31 Jul 2010 10:24
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मर के भी रही आँखे खुली ये मेरे सब्र कि हद थी | घटिया सामान होने के बावजूद टिकी रही दस साल तक मेरी कब्र, ये मेरी कब्र कि हद थी |
में सहता रहा तेरे बाप के लात घुसे, लेकिन फिर भी लिखता रहा लव लेटर, ये मेरे लिखने कि हद थी | दस बार फेल हुआ, तेरा साथ न छूटे कंही ये सोचकर, पढता रहा, ये मेरे पढने कि हद थी |
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ad27sh28
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# Posted: 31 Jul 2010 10:25
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तेरी शादी में गधा बनकर काम करता रहा, ये मेरी मेहनत कि हद थी | तेरे भाई ने कहा, खाना ख़त्म हो गया है , तो बिना खाए आना, मेरी रहमत कि हद थी |
तेरे पति को मन मारकर जीजा कहा, वो मेरे कहने कि हद थी | में चुप रहा उसके "साले" कहने पर ये मेरे सहने कि हद थी |
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ad27sh28
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# Posted: 31 Jul 2010 10:27
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बिना काम के तेरे शहर चक्कर लगाना ये मेरे घूमने के हद थी | चूम लिया उस सड़क को, जहां से गुजरी तू, ये मेरे चूमने कि हद थी |
तेरे बच्चे के मामू कहने पर, उठा लिया गोद में ये मेरे अपनेपन की हद थी | और बक्सीस में जेब झाड़ दी मैंने ये मेरे चुतियापन की हद थी |
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ad27sh28
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# Posted: 31 Jul 2010 10:28
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जीता हूँ जिंदादिल बनकर, पर अन्दर से मुर्दा ये मेरे जीने की हद है | अद्धे को बिना पानी और नमकीन पांच मिनट में निपटाना, ये मेरे पीने की हद है |
अगर अभी तक जूता नहीं उतारा आपने, तो ये मेरे शायर होने कि हद है | मेरी शायरी का असर तो नहीं पर शायद ये आपके कायर होने कि हद है |
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ad27sh28
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# Posted: 5 Aug 2010 10:42
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हमसफ़र जिंदगी का कहते थे जो हमे,
किसी गैर का उन्हें मुकाम होते देखा |
हर दर की चोखटों पे खाते थे जो कसमें ,
वफाओं को सरेआम नीलाम होते देखा |
गुजारिश थी साथ की,महफ़िल के वास्ते ,
तन्हाई जीने का सामान होते देखा |
नजरों की शोखियाँ आगाज़ था जिसका ,
अश्कों को इश्क का अंजाम होते देखा |
वजूदे कब का जल राख हो चुका,
खुदही को धुंए में गुमनाम होते देखा
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ad27sh28
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# Posted: 10 Aug 2010 10:53
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जिन्दगी तो कुछ नहीं , बस चार दिन की है / काफी है चार दिन भी , गर रूबरू हो तुम //
जिन्दगी की शाम है , बैठा हुआ हूँ मै / याद आ रही है अब , बीती सुबह दोपहर //
देखा है ज़िन्दगी को , मैंने करीब से / मखमली लिबास में , कांटो का ताज है //
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ad27sh28
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# Posted: 10 Aug 2010 10:59
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जिन्दगी की दौड़ में , दौड़ा मैं बहुत तेज / पर दो कदम के बाद , बेहोश हो गया //
जिन्दगी की राह में , चौराहे बहुत हैं / भटक जाता मैं , तुम साथ ना होते अगर //
सहन नहीं होती है , जिन्दगी की तल्खी / जहरीली सुर्ख मिर्च है , एहसास अब हुआ //
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